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Wednesday, 23 October 2019

Book Review: एक ब्यूरोक्रेट की कसकभरी कविताएं ‘कह दो ना’ में

काव्य संकलन कह दो ना दरअसल चार हिस्सों में बंटी है. जिसमें नया दौर, सिलसिला, शेर ओ शायरी और सूफियाना अंदाज की कविताएं और शायरी हैं. यानि ये किताब तरह तरह काव्य के जायके से रू-ब-रू कराती है.

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