बलात्कार (rape) वो नहीं कि कोई टहलता हुआ आएगा और मुलायमियत से हाथ थाम लेगा. एकाएक हमला (attack) होता है. कोई बाल पकड़ता है, कोई कपड़े. पटका जाता है. नोंच-खसोंट होती है. नफरत, कुंठा, वहशीपन- सारे भाव नंगेपन के साथ शरीर पर पिल पड़ते हैं. वो शरीर गुलगुले गालों वाली बच्ची का भी हो सकता है, झुर्रियों में खोए चेहरे का भी.from Latest News लाइफ़ News18 हिंदी https://ift.tt/34p0jdp
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