22 फरवरी 1944 को कस्तूरबा गांधी यानि बा ने पुणे के आगा खान पैलेस में जीवन त्याग दिया. उनका देहांत हो गया. कैसा था बा और बापू का दांपत्य जीवन. फिर कैसे वो बापू की ताकत बन गईं. हालांकि किताबें कहती हैं कि दृढ़इच्छाशक्ति के मामले में वो अपने पति से भी आगे थीं.from Latest News लाइफ़ News18 हिंदी https://ift.tt/3dzSpFH
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