Social Icons

Pages

Saturday, 25 April 2020

क्यों तुम आसान समझते थे मुहब्बत मेरी? पढ़ें अमीर मीनाई की रोमांटिक शायरी

अमीर मीनाई के शेर आयर शायरी (Amir Meenai Shayari ): सरकती जाये है रुख़ से नक़ाब आहिस्ता-आहिस्ता, निकलता आ रहा है आफ़ताब आहिस्ता-आहिस्ता...

from Latest News लाइफ़ News18 हिंदी https://ift.tt/2x8DC22

No comments:

Post a Comment

 
Blogger Templates