05 अप्रैल 1922 को पंडिता रमाबाई का मुंबई में निधन हो गया. उनका जीवन संघर्ष और विद्रोह से भरपूर था. उन्होंने तब धर्म और महिलाओं के प्रति अधिकारों को लेकर बिगुल बजा जब भारत में इसके बारे में कोई सोच ही नहीं सकता था, खासकर कोई महिला. अपने समय में उन्होंने कई क्रांतिकारी काम किए.from Latest News लाइफ़ News18 हिंदी https://ift.tt/3wu77oM
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