Nirmala Putul Poem: कविताएं किसी एकांत चारदीवारी में बैठकर लिखी गईं कपोल कल्पनाएं नहीं हैं. कविताएं अक्सर भोगा हुआ दुख, देखा हुआ सुख, जिया हुआ प्रेम और ईश्वर से मांगी हुई किरणें भी होती हैं. दोस्तो आज मैं पूजा प्रसाद न्यूज 18 हिन्दी के पॉडकास्ट में कवियित्री निर्मला पुतुल की ...from Latest News लाइफ़ News18 हिंदी https://ift.tt/3p8sxUD
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