रसा चुग़ताई की शायरी (Rasa Chughtai Shayari): तिरे नज़दीक आ कर सोचता हूं, मैं ज़िंदा था कि अब ज़िंदा हुआ हूं, जिन आंखों से मुझे तुम देखते हो, मैं उन आंखों से दुनिया देखता हूं...from Latest News लाइफ़ News18 हिंदी https://ift.tt/3ob5IhI
रसा चुग़ताई की शायरी (Rasa Chughtai Shayari): तिरे नज़दीक आ कर सोचता हूं, मैं ज़िंदा था कि अब ज़िंदा हुआ हूं, जिन आंखों से मुझे तुम देखते हो, मैं उन आंखों से दुनिया देखता हूं...
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